भारतीय हिंदी प्राध्यापक परिषद के उद्देश्य
- देश भर के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर हिन्दी शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों के सर्वांगीण अकादमिक हितों की रक्षा, अकादमिक उन्नयन, क्षमता संवर्धन के लिए कार्य करना।
- देश भर के विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में पढ़ाए जा रहे हिंदी पाठ्यक्रमों की समीक्षा, समयोचित परिवर्तन-अद्यतन करने हेतु कार्यशालाओं के माध्यम से सुझाव देना।
- केन्द्र अथवा राज्य सरकारों द्वारा समय-समय पर लागू की जाने वाली नीतियों, प्रावधानों के हिंदी शिक्षण और शिक्षक पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा करना तथा तदनुरूप परिवर्तन हेतु प्रतिवेदन प्रस्तुत करना।
- राष्ट्रभाषा के रूप में हिन्दी की स्वीकार्यता को बढ़ावा देने के लिए सभी भारतीय भाषा भाषी संस्थाओं, अकादमिक संगठनों के साथ मिल कर प्रयास करना।
- हिंदी भाषा एवं साहित्य तथा अन्य हिंदी भाषा आधारित कला क्षेत्रों से संबंधित विषयों पर संगोष्ठियों, परिसंवादों का आयोजन करना।
- हिंदी से जुड़े रोजगार क्षेत्रों की जरूरतों अनुसार पाठ्यक्रम को अद्यतन करते हुए शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करना।
- समाज के सभी वर्गो में राष्ट्रीयता की भावना जागृत करने के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन एवं उनका संचालन करना तथा पुस्तकालय एवं वाचनालय की स्थापना करना।
- देश एवं समाज की एकता एवं अखण्डता के लिए जन जागरण करना एवं देश का सुयोग्य नागरिक बनाने में मदद करना।
- पर्यावरण की रक्षा एवं वहनीय विकास के लिए योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना। हिन्दी के पाठ्यक्रम को पर्यावरण सजग बनाना।
- हिंदी शिक्षण के माध्यम से लैंगिक, सामाजिक भेदभाव को दूर करना तथा पाठ्यक्रम को रोजगारोन्मुख एवं उद्यमिता के विकास में सहायक बनाना
- समाज और राष्ट्र के हित के लिए जो आवश्यक हो उन सभी कार्यों को करना।